बुझ गयी बूटा सिंह कि जोत
महोदय ,
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति का आयोग के अध्यक्ष बूटा सिंह ने भले ही प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी हो और दावा कर रहे हो कि उनके स्पष्टीकरण पर प्रधानमंत्री ने सकारात्मक रवैया अपनाया , लेकिन यह सब करने से जनता तो संतुष्ट होने वाली नहीं हैं ! सीबीआई का कहना है कि उसके पास उनके बेटे के खिलाफ पुख्ता सबूत है ! उसने अनुसूचित जाति आयोग में चल रहे एक मामले का रफा दफा करने के लिया एक शख्श रामराव अचिक से एक करोड़ रूपए की मांग की !
इधर सीबीआई का कहना है की बूटा सिंह के बेटे के आवास से अवैध हथियार बरामद किये !उसके हवाला संबंधों की भी जांच की जा रही है ! इसका एक कारण यह भी है कि विगत में बूटा सिंह के बेटे संदिघ्द गतिविधियों में शामिल रहे हैं !
यह भी किसी से छिपा नहीं है कि बूटा सिंह जब बिहार के राज्यपाल थे तो उनके बेटों पर कैसे-कैसे संगीन आरोप लगे थे ! फिलहाल यह कहना कठिन है कि बूटा सिंह के बेटे पर लगे आरोपों में कितनी सच्चाई है ! बूटा सिंह ने अपने बेटे पर लगे संगीन आरोपों पर जैसी सफाई दी उस पर यकीन करने का कारण नहीं , क्योंकि यह तथ्य सामने आ रहा है कि रामाराव आदि मामले कि फाइल के प्रति इन्होने आवश्यकता से अधिक दिलचस्पी दिखाई ! यह महेज एक संयोग नहीं हो सकता के जिस मामले में बूटा सिंह ने अनावश्यक दिलचस्पी दिखाई , उसी मामले से जुड़े शख्श से उनके बेटे ने कथित रूप से एक करोड़ रूपये मांगे !
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